मुखपृष्ठ  |  कहानीकविता | कार्टून कार्यशालाकैशोर्यचित्र-लेख |  दृष्टिकोणनृत्यनिबन्धदेस-परदेसपरिवार | फीचर | बच्चों की दुनियाभक्ति-काल धर्मरसोईलेखकव्यक्तित्वव्यंग्यविविधा |  संस्मरण | सृजन स्वास्थ्य | साहित्य कोष |

 

 Home | Boloji | Kabir | Writers | Contribute | Search | Fonts | FeedbackContact | Share this Page!

 Click & Connect : Prepaid International Calling Cards 

 
चैनल्स  

मुख पृष्ठ
कहानी
कविता
कार्यशाला
कैशोर्य
चित्र-लेख
दृष्टिकोण
नृत्य
निबन्ध
देस-परदेस
परिवार
फीचर
बच्चों की दुनिया
भक्ति-काल धर्म
रसोई
लेखक
व्यक्तित्व
व्यंग्य
विविध
संस्मरण
सृजन
स्वास्
थ्य
साहित्य कोष
 

   

 

 

मोर

प्रिय बच्चों, 

आप सभी को मालूम है ना कि मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है मोर आप सभी को बेहद आकर्षक लगता होगा न खास तौर पर बरसात के मौसम में जब वह अपने रंग बिरंगे पंख फैला कर नाचता है क्या आप इसके बारे में और जानना चाहोगे जैसे कि इसकी आदतें, इसका घोंसला बनाने का समय, इसका भोजन आदि?

इसका आकार तो आप जानते ही हैं कि यह एक बडा पक्षी है, गिध्द से भी बडा इसके आकर्षक रंगीन पंखों की लम्बाई लगभग 1 से 1 5 मीटर होती है किन्तु मोरनी को प्रकृति ने इतने सुन्दर पंख नहीं दिये हैं, हालांकि मोर के सर पर मुकुट जैसी जो खूबसूरत कलंगी होती है वह मोरनी के सिर पर भी होती है मोर की लम्बी गर्दन पर सुन्दर नीला मखमली रंग होता है, किन्तु मोरनी की गर्दन हरा रंग चमकीला पन लिये होती है

पूरे भारत में इनका वितरण है इन्हें वैसे नदी व जलस्त्रोतों के पास वाले जंगल पसंद होते हैं ये अकसर घने पेडों वाले ईलाके में रहते हैं और भावनात्मक तौर पर भारत के गाँवों में इन्हें जो स्नेह दिया जाता है उसके तहत ये निडर होकर गावों की गलियों में घूमते रहते हैं कई बार राजस्थान के शहरी इलाकों में आराम से सडक़ पार करते दिखाई दे जाते हैं और इनके लिये ट्रेफिक तक रुक जाता है

एक मोर और चार पाँच मोरनियाँ का एक समूह होता है जिसमें कभी कभी कुछ अपरिपक्व मोर भी अपनी माँ के साथ घूमते दिखाई दे जाते हैं ये बहुत सतर्क होते हैं ये उडते बहुत कम हैं जब आपात की स्थिति हो तब या फिर एक पेड से दूसरे पेड तक, नदी के एक किनारे से दूसरे किनारे तक रात्रि विश्राम के लिये ये एक बडे घने पेड क़ा आसरा लेते हैं

इनका प्रिय भोजन अन्न के दाने, कोमल तने व पत्ते, कीडे, साँ, छिपकलियाँ आदि आपकी तरह मोर को भी वैरायटी फूड पसंद है कई बार ये खेतों का भी नुकसान कर जाते हैं

इसकी आवाज तो पता है नापियाउऽऽ पियाउऽऽ और कभी कभी काँऽऽकी ध्वनि भी अन्तराल के साथ निकालता है जब ये आवाज क़रता है तो अपनी गर्दन आगे पीछे करता है

जब इसे मोरनी को आकर्षित करना होता है तब यह अपने पंख फैला कर बडा सुन्दर मगर धीमी गति का नृत्य करता है इसके नृत्य को देखकर मानव इतना प्रभावित हुआ है कि मयूर नृत्य को हमने नृत्य में शामिल कर लिया है इसका नीड बनाने का समय जनवरी से अक्टूबर तक होता है इसका घोंसला अकसर घनेरी झाडियों के बीच जमीन पर बना होता है, जिन्हें यह पत्तियों और डण्डियों से बनाता है एक बार में यह 3 से 5 अण्डे देता है इसके अन्डे चमकीले मगर पीलापन लिये सफेद होते हैं

तो बच्चों, यह थी मोर के बारे में कुछ जानकारीअगली बार एक और आस पास के पक्षी के बारे में आपको बताउंगा

तुम्हारा मनोज अंकल
स्टेट कॉर्डिनेटर ऑफ इन्डियन बर्ड नेटवर्क
मई 1, 2001


आवाज़ें पक्षियों की 
कठफोड़वा
कस्तूरी    
किंगफिशर  
तोता  
नीलकण्ठ 
बया 
बी-ईटर
मोर
शकरखोरा  
शाह बुलबुल
स्टॉर्क परिवार के पक्षी 
स्पून बिल-जलीय पक्षी
सूरज की शहजादी पीलक 
हुदहुद

Top  
 

Hindinest is a website for creative minds, who prefer to express their views to Hindi speaking masses of India.

             

 
 

मुखपृष्ठ  |  कहानी कविता | कार्टून कार्यशाला कैशोर्य चित्र-लेख |  दृष्टिकोण नृत्य निबन्ध देस-परदेस परिवार | बच्चों की दुनिया भक्ति-काल धर्म रसोई लेखक व्यक्तित्व व्यंग्य विविधा |  संस्मरण | सृजन साहित्य कोष |
प्रतिक्रिया पढ़ें! |                         प्रतिक्रिया लिखें!

HomeBoloji | Kabir | Writers | Contribute | Search | Fonts | FeedbackContact

(c) HindiNest.com 1999-2015 All Rights Reserved. A Boloji.com Website
Privacy Policy | Disclaimer
Contact : manishakuls@gmail.com