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हिन्दुत्व का ऋण

जब मैं अंतिम साँसें ले रहा होऊंगा
तब कहीं
एक और वृक्ष काटा जा रहा होगा
ताकि
मेरी चिता के लिये
पर्याप्त लकड़ी उपलब्ध हो सके
मेरे जीवन की अंतिम शैय्या
मैं उस पार की यात्रा को प्रवृत्त
और मेरा समर्पित पुत्र
दुखी और अश्रुपूरित

अतीत की परछाइयां तैरती हैं
एक हिन्दु के रूप में जन्म
यानि
जब तब
परिवार में पूजा और हवन
लकड़ी का जलना
और उसमें घी का डाला जाना

मेरी पहली 'लोहड़ी'
जब मैं मात्र चार माह का था
एक भरे पूरे वृक्ष की लकड़ी
जलाई गई।

एक पुत्र के जन्म का सौभाग्य

फिर होली
और होलिका के रूप में फिर
लकड़ी का जलना
यह पेड़ों का कटना
लकड़ी का जलना
निरन्तर चला
मेरे पूरे जीवन में

वह
चाहे जन्मदिन हो
विवाह हो
शादी की वर्षगांठ हो
बच्चों का जन्म हो
कोई भी शुभ अवसर हो
हवन तो आवश्यक है
हवन यानि
लकड़ी का जलाना
वैदिक रीति

और मैं ने क्या किया

मैं बस मूक गवाह बना रहा
जंगलों के काटे जाने का
जीवों और पौधों की संकट में पड़ी जातियों का
पर्यावरण प्रदूषण का
पारिस्थितिक असंतुलन का

एक बार
एक बार भी मैंने
नहीं रोपा एक पौधा तक
हालांकि दर्जनों में
उनका इस्तेमाल किया
रीति रिवाजों के बहाने
यह कैसा मूल्य था मेरे हिन्दु होने का

गमले में एकाध पौधा लगा लेना
इतने सारे पेड़ों को नष्ट करने का
विकल्प नहीं हो सकता
वो अनेक पेड़ जो कि
मेरी वजह से नष्ट हुए

बेटा
रोना नहीं
बस इतना याद रखना
कि तुम्हें उतारना होगा
मेरे हिन्दु होने का ऋण
तुम्हें बहुत से पेड़ लगाने हैं
और
जब यम के आने में देर हो
और मेरी कुछ सांसे शेष हों
मेरी सहायता करना
ताकि मैं
अपने कांपते क्षीण हाथों से ही सही
एक नन्हा पौधा रोप सकूँ

सच्चे निर्वाण का प्रतिबिम्ब देख सकूँ
यही सच्चे अर्थों में मेरा निर्वाण होगा

(द हिन्दु ऑब्लीगेशन का हिन्दी अनुवाद)

राजेन्द्र कृष्ण
 


   
 

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