मुखपृष्ठ  कहानी कविता | कार्टून कार्यशाला कैशोर्य चित्र-लेख |  दृष्टिकोण नृत्य निबन्ध देस-परदेस परिवार | फीचर | बच्चों की दुनिया भक्ति-काल धर्म रसोई लेखक व्यक्तित्व व्यंग्य विविधा |  संस्मरण | डायरी | साक्षात्कार | सृजन स्वास्थ्य | साहित्य कोष |

 Home |  Boloji | Kabir | Writers | Contribute | Search | FeedbackContact | Share this Page!

You can search the entire site of HindiNest.com and also pages from the Web

Google
 

मदन और मोहन

मादकता दोनों में
मदन में और मोहन में
दोनों में ही मधु मिलन की तलाश है।

भेद करोगे कैसे
प्रिया की वाणी में
और मोहन की मुरली में
दोनों में एक जैसा ही हुलास है।

भेद करोगे कैसे माधव के मधु में
और प्रियतमा के अधरों में
दोनों में एक जैसी ही मिठास है।

भेद करोगे तो पृथक हो जाओगे रस गंगा से
अभेद में ही मदनमोहन का निवास है।

– लक्ष्मीनारायण गुप्त

माया के गर्भ से

माया के गर्भ से ही जन्मता है बुद्ध,
कोयले से बना है चमकता हुआ हीरा।
पहाड़ों की कठोर स्थिर चट्टानों से,
द्रवित होती है तरल सरिता की धारा।
भोगी में ही योगी बनने का कौशल,
संसारी में ही संन्यासी बनने की क्षमता।
रत्नाकर ही केवल बन सकता वाल्मीकि,
क्रौंचवध के बिना कैसे बनती आदि कविता?
अजामिल से ही है नारायण की महिमा,
गजेन्द्रमोक्ष के लिये है ग्राह की आवश्यकता।
घनघोर काले बादलों के बीच से ही,
निकलती है चमचमाती हुयी चपला।

– लक्ष्मीनारायण गुप्त

Hindinest is a website for creative minds, who prefer to express their views to Hindi speaking masses of India.

 

 

मुखपृष्ठ  |  कहानी कविता | कार्टून कार्यशाला कैशोर्य चित्र-लेख |  दृष्टिकोण नृत्य निबन्ध देस-परदेस परिवार | बच्चों की दुनियाभक्ति-काल डायरी | धर्म रसोई लेखक व्यक्तित्व व्यंग्य विविधा |  संस्मरण | साक्षात्कार | सृजन साहित्य कोष |
 

(c) HindiNest.com 1999-2021 All Rights Reserved.
Privacy Policy | Disclaimer
Contact : hindinest@gmail.com