![]() |
मुखपृष्ठ | कहानी | कविता | कार्टून | कार्यशाला | कैशोर्य | चित्र-लेख | दृष्टिकोण | नृत्य | निबन्ध | देस-परदेस | परिवार | फीचर | बच्चों की दुनिया | भक्ति-काल धर्म | रसोई | लेखक | व्यक्तित्व | व्यंग्य | विविधा | विश्व साहित्य | संस्मरण | सृजन | स्वास्थ्य
साहित्य कोष | समाचार | |
|
Home | Samachar | Boloji | Kabir | Writers | Contribute | Search | Fonts | Feedback | Contact | Share this Page! |
|
|
|
मोटापा स्तन कैंसर से मरने के न्यूयार्क, 8 दिसम्बर (आईएएनएस)। स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं के लिए वजन पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है। एक शोध से ज्ञात हुआ है कि स्तन कैंसर से पीड़ित सामान्य वजन की महिलाओं की अपेक्षा मोटापे की शिकार स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं के मरने का खतरा दोगुना से भी अधिक होता है। जॉन्स हापकिंस ब्लूमबर्ग स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं द्वारा इस संबंध में चार हजार मरीजों पर शोध किया गया। 'डेली मेल' अखबार के ऑनलाइन संस्करण के मुताबिक इस दौरान शोधकर्ताओं ने मरीजों के शरीर के वजन और इस बीमारी की गंभीरता के बीच संबंध का पता लगाया। इस अध्ययन अवधि में मोटापे की शिकार स्तन कैंसर से पीड़ित 121 महिलाओं की मौत हो गई। इस शोध से जुड़े शोधकर्ता हाजेल निकोलस कहते हैं कि इस अध्ययन से स्पष्ट हो गया है कि शरीर के वजन को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। नई शोध रिपोर्ट को फिलाडेल्फिया में अमेरिकन एसोसिएशन फॉर कैंसर रिसर्च के सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया है। इंडो-एशियन न्यूज सर्विस |
|
|
मुखपृष्ठ
|
कहानी |
कविता |
कार्टून
|
कार्यशाला |
कैशोर्य |
चित्र-लेख | दृष्टिकोण
|
नृत्य |
निबन्ध |
देस-परदेस |
परिवार
|
बच्चों की
दुनिया |
भक्ति-काल
| धर्म |
रसोई |
लेखक |
व्यक्तित्व |
व्यंग्य |
विविधा |
|
|
Home | Samachar | Boloji | Kabir | Writers | Contribute | Search | Fonts | Feedback | Contact |
|
(c) HindiNest.com
1999-2007? All Rights Reserved. A
Boloji.com Website |