जो कभी नहीं बोलते
बोलते हैं अकसर सबसे ज़्यादा
जिसे तुम ख़ामोशी समझने की
भूल करते हो
वह जगह ढंकी है
शब्दों की लाशों से।
कविताएँ
जो नहीं बोलते
आज का विचार
विश्व एक विशाल व्यायामशाला है जहाँ हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।
आज का शब्द
विश्व एक विशाल व्यायामशाला है जहाँ हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।