लीला बन गया मैं स्वयं

असाध्य वीणा

निवेदन

एक सन्नाटा बुनता हूँ

खांटी घरेलू

तुम्हारे बिना 

इधर सुनो : कुछ कविताएं

स्त्री का आदिम गीत

मेरी दो ज़िंदगियां समानांतर : एक प्रवासी मन:स्थिति

आसमान: मैनहैटन की गली में

होली के बदलते रंग

हेमन्त की धूप

हाइकू : एक जीवन्त कविता शैली

हर बार

सिमोन की डांट

समय के साथ

सम्भोग

सुनहरी फर्न का जीवाश्म

स्वतन्त्रता का ढीठ स्वप्न

शब्दों का खेल

शक के गिरगिट

भ्रम

मैं उसका कमरा

भविष्य आंकते–आंकते

आज का विचार

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आज का शब्द

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