कभी कुछ बनता है
कभी छितर जाती है
स्याही पूरे पन्ने पर
कभी शब्द एक
बेसहारा
झूलता है हवा में
कभी टेढ़ी लाईन अथखिंची सी
घिसटती जाती है दूर तक
ऐसे गुजरता है एक…
एक दिन
कविताएँ
दिन
आज का विचार
विश्व एक विशाल व्यायामशाला है जहाँ हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।
आज का शब्द
विश्व एक विशाल व्यायामशाला है जहाँ हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं।