मैं सिर्फ द्वार हूँ‚
जिनमें
तुम्हारी उम्मीदें और आशायें
प्रवेश पाती हैं
और गर्भधारण कर लौट आती हैं
और द्वारों का क्या
वो कभी भी बन्द किये जा सकते हैं।
मैं सिर्फ द्वार हूँ‚
जिनमें
तुम्हारी उम्मीदें और आशायें
प्रवेश पाती हैं
और गर्भधारण कर लौट आती हैं
और द्वारों का क्या
वो कभी भी बन्द किये जा सकते हैं।