मुखपृष्ठ  |  कहानीकविता | कार्टून कार्यशालाकैशोर्यचित्र-लेख |  दृष्टिकोणनृत्यनिबन्धदेस-परदेसपरिवार | फीचर | बच्चों की दुनियाभक्ति-काल धर्मरसोईलेखकव्यक्तित्वव्यंग्यविविधा |  संस्मरण | सृजन स्वास्थ्य | साहित्य कोष |

 

 Home | Boloji | Kabir | Writers | Contribute | Search | Fonts | FeedbackContact | Share this Page!

 Click & Connect : Prepaid International Calling Cards 

 
चैनल्स  

मुख पृष्ठ
कहानी
कविता
कार्यशाला
कैशोर्य
चित्र-लेख
दृष्टिकोण
नृत्य
निबन्ध
देस-परदेस
परिवार
फीचर
बच्चों की दुनिया
भक्ति-काल धर्म
रसोई
लेखक
व्यक्तित्व
व्यंग्य
विविध
संस्मरण
सृजन
स्वास्
थ्य
साहित्य कोष
 

   

 


 

 

तुम मेरी नाभि में बसोविश्वास

सांस की तरह .जरूरी
कंधों की तरह मज़बूत
पावों की तरह यायावर
ज़िल्दों की तरह बदलने वाले
ओ मेरे
चूकतेखोतेअपरिचित होते जातेधूमिल विश्वास
तुम लौटो

लौटो
कि बहुत से काम अधूरे हैं
जन्मने हैं बहुत से
करनी है बहुत सी बातें
झिझकते रुद्ध होते गले से

किन्हीं हथेलियों पर मेंहदी की तरह सजना है
एक इलायची अदरक की चाय पीनी है

किसी के लिए आंधी की तरह उड़ना है
कटना है किसी की छत से एक पतंग की तरह

एक फब्ती की तरह उछलना है सहसा
किन्हीं पहचाने ओठों से

इस उम्र की बेहिसाब रुई को
किसी तकली में कतना है

अंत में
एक विदा के हाथ की तरह
हिलना है बड़ी देर तक
आंसू की तरह सूख जाना है
गिरकर आंख से

तुम मेरी नाभि में बसो
कस्तूरी की तरह
ओ मेरे विश्वास

तितली की तरह रंगीन विश्वास
धूप की तरह उजले
रंभाती गाय की तरह बेचैन
भरे हुए थनों की तरह दुहे जाने को आतुर
मेरे विश्वास
खण्डित होते विश्वास
निर्वासित हापते जाते
दण्डित विश्वास तुम लौटो।

अभिज्ञात


 

Hindinest is a website for creative minds, who prefer to express their views to Hindi speaking masses of India.

             

 

मुखपृष्ठ  |  कहानी कविता | कार्टून कार्यशाला कैशोर्य चित्र-लेख |  दृष्टिकोण नृत्य निबन्ध देस-परदेस परिवार | बच्चों की दुनिया भक्ति-काल धर्म रसोई लेखक व्यक्तित्व व्यंग्य विविधा |  संस्मरण | सृजन साहित्य कोष |
प्रतिक्रिया पढ़ें! |                         प्रतिक्रिया लिखें!

HomeBoloji | Kabir | Writers | Contribute | Search | Fonts | FeedbackContact

(c) HindiNest.com 1999-2015 All Rights Reserved. A Boloji.com Website
Privacy Policy | Disclaimer
Contact : manishakuls@gmail.com