|

हास्य
और व्यंग्य जीवन नौका के दो पतवार हैं।
इनके
बिना न केवल जीवन अधूरा है बल्कि नीरस भी है।
जीने
की कला के ये सबसे बेहतर रास्ते हैं,
हमारे थके हारे मन को ताजग़ी देते हैं,
जीवन की विडम्बनाओं पर खुल कर हंसने का अवसर देते हैं
और जटिल परिस्थियों से जूझने का मनोबल भी।
हास्य
व्यंग्य के इन पृष्ठों पर ऐसे हर लेख का स्वागत है जो आपको जाने अनजाने
गुदगुदा गये हों या फिर जिनपर हंसना चाहते हुए भी आप हंस न पाए हों,
बस आहत होकर रह गये हों।
आपको
पूरी स्वतंत्रता है ऐसे कांटे से चुभने वाले पलों को व्यंग्य की तीखी धार
से रचना का रूप देने की और बोलोजी के हजारों हिन्दी पाठकों से मिल कर
बांटने की।
हमें
आपकी रचनाओं का इन्तजार है।
विलासिता का दुख-अरविन्द
सारस्वत
हाय
मेरे नितम्ब!
-महेश चंद्र
द्विवेदी
मुलजिमा इमराना हाजिर हो -
महेश चन्द्र द्विवेदी
नूरा
- कुश्ती - महेश चन्द्र द्विवेदी
होली बनाम कन्या महाविद्यालय
- अंकुश मौनी
प्रभारी मुख्यमंत्री का हाथी प्यार
- महेश चन्द्र द्विवेदी
कौन निकटतर - बन्दर या चूहा
- महेश चन्द्र द्विवेदी
पॉल बरेल कौन है ?
- महेश चन्द्र द्विवेदी
धर्म
- नीलम कुलश्रेष्ठ
एक राखी ऐसी भी
- डॉ अजय कुमार जैन
पुरस्कार सुख
- शैलेन्द्र चौहान
भारतीय नारी और शिक्षा
- नीलम कुलश्रेष्ठ
एक्सचेन्ज ऑफर
- डा प्रेम जनमेजय
ऐसा क्यों?
- रोहित कुमार हैपी
इन्द्रनेट में हलचल
- सुब्रा नारायण
उलझन-
रोहित कुमार हैपी
कम्पयूटर की हिन्दी-
डा प्रेम जनमेजय
गधा, घास और अमरीका
- योगेश शर्मा
गंजे होने के लाभ
- रवि पिपल
घास, प्रेम और तत्वज्ञान
- डा लक्ष्मीनारायण गुप्त
चुटकियां
- राजेन्द्र कृष्ण
चार रसगुल्ले
- डा लक्ष्मीनारायण गुप्त
जाना पुलिस
वालों के यहाँ
इक
बारात में
- डा प्रेम जनमेजय
दास्ताने तोंदघटाई
- योगेश शर्मा
नारदमोह निवारण-
डा लक्ष्मीनारायण गुप्त
फैशन के टैक्स
- पूर्णिमा वर्मन
बडी की इंडिया यात्रा
- रवि पिपल
बॉस
- रवि पिपल
भिखारी
- प्रदीप चौबे
मइया मोहिं डाऊ बहुत खिझायो-
डा लक्ष्मीनारायण गुप्त
मच्छर पुराण
- योगेश शर्मा
मम्मी खो गई-
अखिलेश सिन्हा
मामे दी ससुराल
- रवि पिपल
लाला दीनदयाल का अमरीका निवास
- डा लक्ष्मीनारायण गुप्त
व्यवस्था
- प्रदीप चौबे
सर्फिंग़ सुख
- पूर्णिमा वर्मन
सावधान तैयारी सिविल सर्विस जारी है-
रवि पिपल
सावधान! सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है
- नीरज दुबे
|