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डायरी और पत्रों पर विशिष्ट

प्रिय डायरी

एकान्‍त की भूल-भुलैया : मैक्‍सिको डायरी- पुरुषोतम अग्रवाल
( भाग.1)

“अतीत ने हमें अनाथ बना कर छोड़ दिया है । उसने सारी पृथ्‍वी के साथ यही किया है । हमें अब मिलकर ही साझा भविष्‍य गढ़ना होगा । विश्‍व इतिहास अब हरेक जिम्‍मेदारी है – और हमारी अपनी भूल-भुलैया अब मनुष्‍य मात्र की भूल-भूलैया है ।”

एकान्‍त की भूल-भुलैया : मैक्‍सिको डायरी- पुरुषोतम अग्रवाल  ( भाग.2)
 'चिनगादा वह माँ है, वह स्‍त्री है-बल्‍कि स्‍त्री की मातृ छवि है-जो किसी अनधिकृत व्‍यक्‍ति द्वारा 'ली' गयी है । बलात्‍कार के ज़रिए, या स्‍वयं 'चिनगादा' की अवैध, अपवित्र वासना या चरित्र हीनता के ज़रिए।

डायरी लेखन - एक तरल विधा   - अरुण प्रकाश

डायरी का एक पन्ना,  मुठभेड़ में मारे गये एक कुख्यात अपराधी के नाम - कंचन चौहान

एक फौजी की डायरी-1 - गौतम राजरिशी
एक फौजी की डायरी-2
एक फौजी की डायरी-3
एक फौजी की डायरी-4
एक फौजी की डायरी-5

डायरी का आखिरी पन्ना- विवेक मिश्र
आज अम्मा की अलमारी में प्राची का पत्र मिला। डेढ़ साल पुराना पत्र।…और इन दिनों, मैं यही समझता रहा कि औरंगाबाद से लौटने के बाद सब खत्म हो गया, कुछ नहीं बचा हमारे बीच। - आगे पढ़ें

आँवले का पेड़ - हेमंत शेष
वह दिन आंवले के पौधे और मेरे बड़े होने के बीच का पहला दिन था. हरी पत्तियां कोमल थीं- हवा से छोटी-छोटी डालियाँ झुक जातीं. पहले नर्सरी की क्यारी,  फिर दोस्त की गोद और फिर हमारे अहाते में खिड़की से दिखता हुआ अपनी आकृति और पतली-पतली पचासों पत्तियों के साथ वह सिर्फ आंवले का पौधा ही था-लगातार.
 -- आगे पढें

आओ तोड़ दें ये कारा - प्रतिभा कटियार
'न मैं चीखा, न चिल्लाया और न ही साहस खोया. जीवन सर्वत्र है. जीवन हमारे भीतर है न कि बाहर...लोग हमारे निकट होंगे और उन लोगों के बीच में इंसान बनना आवश्यक होगा. यह विचार मेरी देह और रक्त का हिस्सा बन गया है.  - आगे पढ़ें

मेरे अकेलेपन के निस्सीम दिन - जया जादवानी
मेरे अकेलेपन के निस्सीम दिन हैं-मन कहीं ज्यादा देर नहीं लगता, भटककर वापस आ जाता है। थोड़ी देर अनमनेपन से पढ़ती हूं, फिर सोचने लगती हूं। ये साधना है मेरी-कुछ लिखने से पहले की साधना।
-आगे पढें

वक़्त के पंखों से उतर, छूट गया जो उँगलियों के पोरों पर - मनीषा कुलश्रेष्ठ
मुझे शाम और रात के संक्रमण काल में तैरना पसन्द है. एक तो पूल में बच्चों का आतंक लगभग ख़त्म हो जाता है, ऊपर से वो किसी पर भी डाइव कर सकते हैं बिना देखे. नौसीखिए तैराक भी आ – आ कर टकराते नहीँ. नीम और बरगद के विशाल पेड़ों पर लौटे पंछी देर तक खलबली मचाते हैं फिर सो जाते हैं. - आगे पढ़ें

 

पत्रांश

एक फिल्म स्क्रिप्ट राईटर का खत, एक टेली फिल्म अभिनेत्री के नाम (अभिनेत्री के लाल स्याही से किए गए कमेंट्स के साथ)
पहला हिस्सा -
आज तुम्हें एक और तरह से याद करना शुरु किया है.
दूसरा हिस्सा -
अभिनय बड़ा अजीब पेशा है। यहां प्रतिभा तो ज़रूरी होती ही हैं.

 

आशुतोष दुबे की कविताएँ

असहमत

तब
उत्तर - प्रश्न
नाखून
अंतिम प्रश्न
उठूँ

अंक की विशिष्ट कहानी

सब कुछ नही - कृष्ण बलदेव वैद

अरुण प्रकाश की स्मृति में

विषमराग से उत्तरराग के बीच
- मनीषा कुलश्रेष्ठ

अरुण प्रकाश : न ग़ाफ़िल इंसान न मग़रूर रचनाकार  -रामशरण जोश

कहानियाँ
भासा
लक्ष्मी नगर ऐसे ही स्वप्नशील नौजवानों का पनाहगाह था। राजेश लेखक बनना चाहता था। ज्यादातर प्रकाशक, पत्रिकाएं, रेडियो और टेलीविजन के चैनल दिल्ली में थे।  - आगे पढ़ें

Manisha Kulshreshtha

 


सवाल आपकी सामर्थ्य का है - लवलीन ( लवलीन की अस्वस्थता और मृत्यु से कुछ समय पहले मधु अरोड़ा द्वारा  लिया गया साक्षात्कार)
मैं स्वभाव से रीबेल हूँ। हमेशा प्रचलित प्रतिमानों के विरुद्ध जिस सच को समझा है, उसे जीवन में उतारने की कोशिश भी की है। कथाएँ आधी हकीकत, आधा फ़साना होती हैं, इसलिए यह सच भी है, कल्पना भी है।
                                                    - आगे पढ़ें

नहान - अरुण प्रकाश
मैं जब उस मकान में नया पड़ोसी बना तो मकान मालिक ने हिदायत दी थी - ''बस तुम नहान से बच कर रहना। उसके मुँह नहीं लगना। कुछ भी बोले तो ज़ुबान मत खोलना। नहान ज़ुबान की तेज़ है।  -
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निबन्
- अरुण प्रकाश

हम इक उम्र से वाकिफ़ है
इस बहाने
भारत में राष्ट्रीय अखण्डता : भाषायी समन्वय - डॉ. दिविक रमेश
सीमाओं के आर-पार करोड़ों के दिलों में बसते हैं भगत सिंह

साक्षात्कार
रोमानिया में हिन्दी - संजय कुमार
साहित्य कोष
इस्मत आपा की कहानियाँ और भारतीय मुस्लिम समाज

Poetry - Nand Chaturvedi
Translated by
Dr Ashutosh Mohan

ALL IN OUR FAVOUR  -

THE BOOK

THE CALLOUS MOMENT OF CARNIVAL

AH ! HUENTSANG

THE FORT 

LUMINOUS PEAKS

चर्चित ब्लाग

पढ़ते - पढ़ते - मनोज पटेल
आपका साथ साथ फूलों का - अपर्णा मनोज
प्रतिभा की दुनिया -
प्रतिभा कटियार
Antheia - कनुप्रिया


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