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अलका कौशिक

अलका कौशिक  के अनुसार - मैं पेशे और ट्रेनिंग से जर्नलिस्ट हूं, ट्रैवल राइटिंग करती हूं, लंदन या स्पेन में कम पिथौरागढ़ और बस्तर के देहातों में ज्यादा घूमती हूं। जब जेब की थोड़ी हैसियत बेहतर दिखती है तो भी जेनेवा की झील की बजाय तिब्बत में मानसरोवर के किनारे खुद को पाती हूं। मतलब.. थोड़ा सा अलग है सफर का अंदाज़, क्योंकि मुझे लगता है कि इस हिंदुस्तान के कोने-कोने में बहुत कहानियां हैं, बहुत कुछ अनदेखा है, जिसके बारे में लिखा जाना चाहिए और लोगों को बताया जाना चाहिए। 

ई-पता - alka.ak@gmail.com 


 
 

 

 यात्रा वृत्तांत
नागालैंड : जिसके सफर में आत्माएं तक ठिठककर रह जाती हैं!


 

         

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