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व्यंग्य

सावधान ... चिड़िया दाना चुग रही है

फेसबुक के स्क्रीन पर आजकल अनेक चिड़ियाए चोंच मारती दिख रही हैं, अब इन चिडियायों को देखकर चिड़ीमार भी चौकन्ने हो रहे हैं ...उनको फंसाने के लिए दाना डाल रहे हैं कोई चिड़िया तारीफ़ के दाने को चुगती है तो कोई कविता के तो कोई कहानी के दाने को चुग रही हैं |चिडीमारो को काम मिल गया है ...हाल ही में घिसा हुआ चिड़ीमार भी नयी चिड़ियाओं की तलाश में निकला है जिन्हें चमचमाने का शौक है , चिड़ीमार नित नए जाल तैयार करता है, उनमें प्रलोभन का दाना डालता है ,नई नई चिड़ियाओं को आकर्षित करने के लिए | चिड़ीमार के जाल में ऐसी अनेक चिडियायें फंसने को तैयार बैठी हैं जिनके पास कोई खूबी नहीं और ना ही है सलोनी सूरत | पर इस चिडीमार को चिड़ियाओं की गिनती बढानी है !सो चिड़ीमार की जेब और बाहें दोनों समृद्दी की डगर पर अग्रसर हैं |

इस तरफ फेसबुक को रोज सड़ी हुई कविताओं से डराने वाला भारी चिड़ीमार, एक नई चिड़िया को दाना डाल रहा है..दाना प्रेम कविता का है ! चिड़िया मुस्कुराती सी बलखाती सी कवि का प्रेम निवेदन स्वीकार कर रही है और दूसरी तरफ एक नवोदित लेखक इसी चिड़िया के प्रेम में घायल पंछी सा फडफडा रहा है और दर्द भरी कवितायेँ फेसबुक पर चिपका रहा है | इस प्रेम की आँख मिचौली के बीच चिड़िया को कवियत्री बनने का शौक चर्राने लगा है और वो भी उच्चकोटि की कवितायेँ फेसबुक पर चिपकाने में व्यस्त हो रही है,कवितायेँ इतनी उच्च हैं की उन्हें आसमान में बैठे देवता ही समझ सकते हैं ..पर ढेरों चिड़ीमार कविता को देख रहे हैं , चिड़िया का प्रोफाइल घूर रहे हैं ,उन्होंने निष्कर्ष निकाला है जिसका फोटो इत्ता अच्छा हैं ,उसकी कविता कैसी भी हो क्या फर्क पडना है..सो वे उसकी तारीफ़ का चुग्गा फेंक रहे हैं सैंकड़ो लाइको से पुल का निर्माण हो रहा है ..चिड़िया तारीफ़ के पुलों पर धडाधड यात्रा कर रही है | सैकड़ों लाइक देख कर चिड़िया के पंखों में एक अलग सी ऊर्जा का संचार होने लगा है और चिड़िया अनंत आकाश की दूरियां नापने के मूड में है | वह उड़ी चली जा रही है, एक ऐसे शिकार की तलाश में जो उसके सुन्दर पंख, प्यारी सलोनी सूरत पर कुर्बान हो उसे साहित्य की चमचमाती दुनिया का सितारा बना सके |

इधर हमारी वाली चिड़िया एक एक दाना बड़ी होशियारी से चुग रही है , वो साधारण नहीं बुद्दिमान चिड़िया है | ऐसे अनेकों चिड़ीमारों और शिकारियों को धता बता कर . सफलता के नित नये पायदान पर चढ रही है . उसे अपनी सलोनी सूरत और चिड़ीमार को उलझाने के नए नए लटकों झटकों पर पूरा भरोसा है | चिड़िया की गर्दन में अकड़ बढ़ती जा रही है
सीनियर चिड़ीमार का भी ऐसी प्रतिभावान चिड़िया से पहली बार सामना हुआ है . उसका दिल जोरों से धडक रहा है,वो चिड़िया को लेकर गंभीर हो रहा है , अब वह सच्चे मन चिड़िया से का हर सपना पूरा करने में लग गया है ,उसे इसका बढ़िया रिस्पोंस भी मिला है .. एक दिन तो चिड़िया खुशी के मारे चिड़ीमार से लिपट भी चुकी है , चिड़ीमार का वज़न दस किलो और बढ़ गया है ,..उसी अनुपात में उसकी मेहनत भी बढ़ गयी है अब चिड़िया कुछ पायदान और चढ़ गयी है , चिड़ीमार भी ख़ुशी से फूला नहीं समा रहा है वह समझ रहा है की चिड़िया आखिर उसकी हो ही गयी पर वह समझने में लगा रहा .......और एक दिन चिड़िया फुर्र हो गयी ....

सयानो ने चिडीमार को इसका राज़ ये बताया की समझदार चिड़ियाएँ चिडीमार नहीं ,आसमान देखती हैं ..ये राज़ खुलने के बाद चिडीमार सदमे में है ..पर बात पक्की है की जिस दिन चिडीमार सदमे से बाहर आयेगा ..फिर किसी समझदार चिड़िया की खोज में लग जाएगा ..विशवास मानिए ,फेसबुक पर उसे समझदार चिड़ियायों की कमी कभी नहीं रहेगी ..मैं गलत कह रही हूँ क्या ?

- अर्चना चतुर्वेदी

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