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8 मार्च : अर्न्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष

पुस्र्षसत्तात्मक समाज में स्वयंसिद्धाएं

स्वतन्त्रता संर्घष के दौरान हमारे देश में एक महत्वपूर्ण कवियत्री उभरीं। जिनकी पंक्तिया `` खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी''  सभी ने बचपन में सुनी हैं - वे थीं `` सुभद्रा कुमारी चौहान''। उन्होंने बहत सी अच्छी कविताएं हमें दीं, उनका नाम हिन्दी साहित्य में सदा सम्मान से लिया जाता रहेगा।

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मार्च
4, 2006



 

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